उत्तराखंड

भव्य कलश यात्रा के संग श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, गूंजा भक्तिमय माहौल

देहरादून, क्लेमेंट टाउन स्थित दुर्गा मंदिर से एक भव्य एवं दिव्य आध्यात्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ। श्रीमद्भागवत सेवा जन कल्याण समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ श्रद्धा और उत्साहपूर्वक संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

कलश यात्रा के दौरान वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा। पुरुष श्रद्धालु सिर पर श्रीमद्भागवत ग्रंथ धारण कर चल रहे थे, वहीं महिलाएं पारंपरिक एवं मांगलिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर कलश लेकर यात्रा में शामिल हुईं। “राधे-राधे रटो, चले आएंगे बिहारी” एवं “श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी” जैसे मधुर भजनों की गूंज से समूचा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।

भव्य यात्रा क्लेमेंट टाउन से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई सुभाष नगर स्थित सेठ पन्नालाल ग्राउंड (निकट आर्य इंटर कॉलेज) में कथा स्थल पर संपन्न हुई।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति का सम्मान, समाज में उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहन देना तथा जाति-धर्म से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही नशा मुक्ति एवं धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील विषयों पर जनजागरूकता फैलाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प भी लिया गया है। विशेष रूप से आयोजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया गया है।

समिति के संरक्षक श्री विनोद राई ने बताया कि प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता आचार्य पवन नंदन महाराज प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से कथा का वाचन करेंगे। यह सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ 9 अप्रैल तक आयोजित होगा, जिसमें श्रीमद्भागवत कथा के गूढ़ रहस्यों एवं भक्ति मार्ग की महिमा का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।

इस अवसर पर संरक्षक विनोद राई, अध्यक्ष प्रेम सिंह भंडारी, उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, महासचिव नवीन जोशी, कोषाध्यक्ष के.एन. लोहनी, मीडिया प्रभारी बृज किशोर यादव सहित गणेश, दीपक गोसाई, धन सिंह फर्त्याल, सुनील रावत, मालती राई, कादंबरी शर्मा, तारा राई, ममता राई, रेखा यादव, प्रदीप राई समेत अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस आध्यात्मिक महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर पुण्य अर्जित करें और भक्ति के इस दिव्य सागर में आस्था की डुबकी लगाएं।

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