उत्तराखंड

शिक्षा की रोशनी से जगमगाया भिक्षुक बचपन: देहरादून ICC अब शोध का हब, 154 बच्चे स्कूलों में दाखिला पा चुके

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) के मार्गदर्शन में देहरादून जिला प्रशासन की अनूठी मुहिम ने सड़कों पर भटकते बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। साधुराम इंटर कॉलेज में दिसंबर 2024 से संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर (ICC) अब न केवल सामाजिक पुनर्वास का प्रतीक बन चुका है, बल्कि शैक्षणिक शोध और सामाजिक अध्ययन का प्रमुख केंद्र भी। यहां भिक्षावृत्ति, बालश्रम व कूड़ा बीनने से बचाए गए 267 बच्चों में से 154 को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ दिया गया है।

शनिवार को 27 बच्चों को विभिन्न सरकारी विद्यालयों में दाखिला दिलाया गया। ICC में कंप्यूटर ट्रेनिंग, संगीत, योग, खेलकूद, काउंसलिंग और विशेष कैब सुविधाओं से लैस यह केंद्र बच्चों को मानसिक व शारीरिक रूप से सशक्त बना रहा है। जिलाधिकारी की व्यक्तिगत निगरानी में चल रहे इस अभियान ने घनघोर अंधकार से उजाले की ओर सफर को संभव बनाया है।

शोधार्थियों का जमावड़ा, बच्चों में जोश का संचार

देश की नामी यूनिवर्सिटीज के छात्र अब ICC को शोध का केंद्र बना रहे हैं। हाल ही में IMS यूनिसन यूनिवर्सिटी के 12 छात्र-छात्राओं ने डॉ. सुरेंद्र यादव के नेतृत्व में दौरा किया। बच्चों ने स्वयं बनाए स्वागत कार्ड और नृत्य से अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया, जिससे उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास व टीमवर्क झलक उठा। ये भ्रमण बच्चों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज-शिक्षा संस्थानों के बीच साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं।

DM की भावुक अपील : “शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार”

जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की, “शिक्षा ही सबसे शक्तिशाली हथियार है। परिस्थितियां चाहे जैसी हों, बच्चों की पढ़ाई कभी न रुके।” उन्होंने भिक्षावृत्ति निवारण अभियान को पूर्ण संतृप्ति तक जारी रखने का संकल्प दोहराया। अब तक 83 भिक्षुक, 117 कूड़ेबाज और 67 बाल मजदूर बच्चों का सफल रेस्क्यू हो चुका है। यह पहल उत्तराखंड में बाल कल्याण के नए मानक गढ़ रही है।

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