उत्तराखंड

दून पुलिस की बहादुरी : भदराज जंगल में रात के अंधेरे से 10 युवकों को सकुशल बचाया

देहरादून : “रात के साये में भी रोशनी बनकर आएंगे”—दून पुलिस का यह वादा भदराज जंगल की घने अंधेरे में चमका। सहसपुर के भदराज ट्रेकिंग ट्रेल पर रास्ता भटकने वाले 10 युवकों को पुलिस ने वनकर्मियों और ग्रामीणों की मदद से बचा लिया।

भयानक जंगलों से गुजरते हुए सभी को सुरक्षित घर पहुंचाया गया, जहां उन्होंने पुलिस को अपना ‘रक्षक देवता’ बताया।5 फरवरी की आधी रात को कोतवाली सहसपुर को हेल्पलाइन 112 से कॉल आया कि भदराज ट्रेक पर गए 10 युवक जंगल में खो गए हैं। तेज़ हवाओं और घने कोहरे ने रास्ता मुश्किल कर दिया था।

प्रभारी निरीक्षक ने फौरन विशेष रेस्क्यू दस्ता तैयार किया, जिसमें टॉर्च, वॉकी-टॉकी और प्राथमिक चिकित्सा किट शामिल थे। टीम भदराज की ओर दौड़ी। कोटी गांव में पहुंचकर वन विभाग के बीट गार्ड और मुखिया जी ने साथ दिया। तीन घंटे की कठिन खोजी में, 3 किलोमीटर की चढ़ाई, खतरनाक खाइयों और जंगली जानवरों के डर के बीच सभी युवकों को मिला लिया गया। थकान और ठंड से बेहाल युवक सुरक्षित थे।

बचाए गए युवकों के नाम : अभिषेक चौहान (29, विकासनगर), हेमंत (26, श्यामपुर प्रेमनगर), प्रिंस (18, मिठ्ठी बेरी), शिवम (18, प्रेमनगर), अर्चित (18, स्पेशल विंग प्रेमनगर), सक्षम घई (23, प्रेमनगर), मयंक राय (19, मिठ्ठी बेरी), शिवाशु (18, प्रेमनगर), हर्षित (16, प्रेमनगर) और उज्जवल (18, प्रेमनगर)।

टीम में थे: उ0नि0 नीरज त्यागी, कानि0 ललित कुमार, कानि0 अमोल राठी, कानि0 प्रदीप विष्ट, कानि0 रविंद्र आर्या और होमगार्ड निशान्त जवाडी। एक युवक ने कहा, “पुलिस भाईयों ने हमारी जान बचाई, वे हमारे सुपरहीरो हैं।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button