उत्तराखंड

वैदिक मंत्रों की गूंज में खुले बदरीविशाल मंदिर के कपाट, भक्तों में उत्साह

बदरीनाथ धाम।, भगवान बदरीविशाल मंदिर के कपाट गुरुवार को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोल दिए गए। वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन अवसर पर निर्धारित मुहूर्त के अनुसार प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर कपाट उद्घाटन संपन्न हुआ। कपाट खुलने से पूर्व द्वार पूजन एवं पंचांग पूजन की परंपराएं निभाई गईं। इसके उपरांत नर पूजा की जिम्मेदारी रावल जी द्वारा संभाली गई। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ जी के सान्निध्य में द्वार पूजा विधिवत सम्पन्न हुई।

इस अवसर पर उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ लगातार चौथी बार कपाट उद्घाटन के साक्षी बने। उल्लेखनीय है कि वे 12 सितंबर 2022 को ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य पद पर प्रतिष्ठित हुए थे। शंकराचार्य जी ने कहा कि कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश के सनातन धर्मावलंबी आगामी छह माह तक भगवान बदरीविशाल के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे। कपाट उद्घाटन समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर स्वामी सदाशिव ब्रह्मेन्द्रानन्द सरस्वती, स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि, स्वामी श्रीनिधिरव्यानन्द सागर, स्वामी अप्रमेयशिवसाक्षात्कृतानन्द गिरि सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। साथ ही विजय कपरवाण, डॉ. बृजेश सती, अशोक टोडरिया, आशुतोष डिमरी, भास्कर डिमरी, अनिल भारद्वाज, किरण जानी, देवानंद शुक्ल, देवेन्द्र पाण्डेय समेत बड़ी संख्या में गणमान्य भक्तों ने भी इस पावन अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कपाट खुलने के साथ ही पूरे धाम में भक्ति, आस्था और उल्लास का वातावरण व्याप्त हो गया। श्रद्धालुओं में भगवान बदरीविशाल के दर्शन के प्रति विशेष उत्साह देखा गया।

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