उत्तराखंड

बार में शुरू हुआ विवाद खूनी झड़प में बदला, रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत

देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में मॉर्निंग वॉक पर निकले 74 वर्षीय रिटायर्ड आर्मी ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रारंभिक तौर पर इसे रोड रेज का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि घटना की जड़ कुठालगेट स्थित ZEN-Z बार में बिल को लेकर हुआ विवाद था।

पुलिस के अनुसार 29 मार्च की रात बार में कुछ युवकों और कर्मचारियों के बीच बिल कम कराने को लेकर कहासुनी हो गई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि बार कर्मचारियों ने एक युवक की स्कॉर्पियो गाड़ी का पिछला शीशा तोड़ दिया। इससे आक्रोशित युवक अपने साथियों के साथ वहां से चले गए।

अगली सुबह बार संचालक व कर्मचारी फॉर्च्यूनर कार से जा रहे थे, तभी रास्ते में स्कॉर्पियो सवार युवकों से उनका आमना-सामना हो गया। पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्षों में पीछा और टकराव शुरू हो गया, जो मालसी क्षेत्र के पास फायरिंग में बदल गया। पुलिस के अनुसार दोनों ओर से गोलियां चलने की पुष्टि हुई है।

इसी दौरान सुबह की सैर पर निकले ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी, निवासी तुला अपार्टमेंट, जोहड़ी गांव, गोलीबारी की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल जोशी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के दौरान फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिससे उसमें सवार दो लोग घायल हो गए।

सीसीटीवी और नाकेबंदी से खुला राज

घटना के बाद एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने कई टीमों का गठन कर जांच तेज की। सीसीटीवी फुटेज, नाकेबंदी और मुखबिर तंत्र की मदद से मामले की परतें खुलीं। पूछताछ में बार कर्मचारी रोहित कुमार और मोहम्मद अखलाक उर्फ साबिर से अहम जानकारी मिली। इसके आधार पर बार संचालक संदीप कुमार और युवक आदित्य चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देसी तमंचे (.315 बोर), चार जिंदा कारतूस, दो खोखा और बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया है कि फॉर्च्यूनर सवार पक्ष की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई थी।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

मामले में शांतनु त्यागी, कविश त्यागी, समीर चौधरी और वैभव समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) व आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

बार पर प्रशासन की सख्ती

घटना के बाद प्रशासन ने ZEN-Z बार को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। साथ ही उसका लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है।

छोटे विवाद से बड़ी त्रासदी

महज बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें एक निर्दोष रिटायर्ड सैन्य अधिकारी की जान चली गई। घटना ने शहर में बढ़ती बार संस्कृति, नशे और अवैध हथियारों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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