उत्तराखंड

एनएसयूआई का धरना : मनरेगा नाम बदलाव पर केंद्र के खिलाफ देहरादून में उबाल, गांधी प्रतिमा के साये में नारा लगाया – ‘गांधी का अपमान बर्दाश्त नहीं!’

देहरादून : भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (Employment Guarantee Act) एनएसयूआई) उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक का दूसरा दिन शनिवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन के साथ समाप्त हुआ। गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे केंद्र सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम परिवर्तन के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नारों और बैनरों के साथ सरकार को कड़ा संदेश दिया कि यह कदम गांधीजी के सम्मान और ग्रामीण गरीबों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।

धरने को संबोधित करते हुए एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा, “मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों मजदूरों का जीविका का आधार है। इसका नाम बदलना गांधी विचारधारा का अपमान है और गरीब-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। हम चुप नहीं बैठेंगे!” कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारे लगाए – “हम गांधी जी का अपमान नहीं सहेंगे, हम गरीबों का उत्पीड़न नहीं सहेंगे!” एनएसयूआई नेताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी जारी की कि यदि मनरेगा का मूल नाम तुरंत बहाल नहीं किया गया, तो पूरे उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर जन आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।

प्रदेश प्रभारी सौरभ यादव ने बताया कि यह विरोध छात्रों और ग्रामीण वर्ग की एकजुट आवाज है, जो संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेगा।कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव अजय रावत, राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप सिंह तोमर, प्रदेश उपाध्यक्ष अभय कैतुरा, सह-प्रभारी लक्ष्यजीत, वैभव वालिया, सूरज नेगी, आयुष सेमवाल, अमन सिंह, लवदीप सिंह के अलावा प्रदेश भर से आए छात्र संघ प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। संगठन ने ऐलान किया कि आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जब तक सरकार जनविरोधी फैसला वापस न ले। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा, लेकिन सरकार की उदासीनता पर व्यापक प्रदर्शन होंगे।

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