उत्तराखंड

सांस्कृतिक रंगों में रंगा द आर्यन स्कूल, सत्रिया नृत्य ने बांधा समां

देहरादून: द आर्यन स्कूल में आज स्पिक मैके (सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंगस्ट यूथ) के बैनर तले एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष आशिमा चांदना के स्वागत संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने युवा पीढ़ी के बीच भारतीय शास्त्रीय कला रूपों के संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण असम की प्रसिद्ध सत्रिया नृत्यांगना अनीता शर्मा की मनमोहक प्रस्तुति रही। उनके साथ कलाकारों की एक टीम भी मौजूद रही—खोल पर भास्कर ज्योति ओझा, गायन में क्रांतिक सांडिल्य, बांसुरी पर प्रसन्न बरुआह और ताल पर अरूप शर्मा—जिन्होंने मिलकर एक सुरम्य और लयबद्ध वातावरण का निर्माण किया। अनीता शर्मा ने अपनी सुंदर और भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में एक इंटरएक्टिव पहलू भी शामिल था, जहां उन्होंने विद्यार्थियों को कुछ नृत्य मुद्राएं सिखाईं, जिन्हें उन्होंने बड़े उत्साह के साथ सीखा। इसके बाद एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने कलाकार से भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संगीत, वाद्य यंत्रों और उनके कलात्मक सफर से जुड़े प्रश्न पूछे। अनीता शर्मा ने मात्र सात वर्ष की आयु में गुरु राजेश्वर सैकिया बरबायन के मार्गदर्शन में सत्रिया नृत्य की शिक्षा प्रारंभ की थी

और बाद में पद्म भूषण गुरु जतिन गोस्वामी से प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने असमिया साहित्य में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की है और संस्कृति मंत्रालय की फेलोशिप के तहत ओजापाली पर विस्तृत शोध कार्य किया है। कार्यक्रम का समापन प्रिंसीपल बी. दासगुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने कलाकारों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस तरह के समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव के लिए धन्यवाद दिया।

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