उत्तराखंड

भारतीय गौ क्रांति मंच ने की गौमाता को राज्य माता घोषित करने की मांग

देहरादून। भारतीय गौ क्रांति मंच ने उत्तराखंड में गौमाता को आगामी विधानसभा सत्र में नियम 87 के तहत राज्य माता घोषित करने की मांग की है। सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित वार्ता उत्तराखंड गौ सांसद प्रभारी एवं टिहरी गौ सांसद अनुसूया प्रसाद उनियाल ने कहा कि गौमाता को राज्य माता का दर्जा दिलाने के लिए प्रदेशभर में जनसमर्थन जुटाया जा रहा है। इस पहल को सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार से इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

उन्होंने बताया कि मंच द्वारा विभिन्न स्तरों पर जनजागरण अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इस विषय से जोड़ा जा सके। गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा देने को लेकर संत समाज और सामाजिक संगठन पूरी तरह सहमत हैं। संत गोपाल मणि महाराज ने अपना पूरा जीवन गौमाता को समर्पित कर दिया है। लेकिन यह विषय केन्द्रीय सूची में न होकर राज्य सूची में है। जिस कारण पहले राज्य स्तर पर राज्यमाता घोषित करने की दिशा में पहल जरुरी हो गई है।

विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने विधानसभा में नियम 87 के तहत ये प्रस्ताव रखा है। जिसे विधानसभाध्यक्ष ने स्वीकार भी कर लिया है। इस महत्वपूर्ण पहल पर जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने विधायक प्रीतम सिंह पंवार के प्रति शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। संस्था को उम्मीद है कि आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया जाएगा। प्रेस वार्ता में तेजराम नॉटियाल, यशवंत रावत, शूरवीर मटूडा एवं ज्येश्वरी रावत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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