उत्तराखंड

एम्स में लाखों की चोरी का पर्दाफाश, आंध्र प्रदेश का अंतर्राज्यीय चोर दबोचा गया

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देशन में दून पुलिस ने एम्स ऋषिकेश में हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज चोरी का सफल खुलासा करते हुए आंध्र प्रदेश के एक अंतर्राज्यीय शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, तीन फर्जी आधार कार्ड और चोरी में प्रयुक्त पेचकस सहित अन्य सामान बरामद किया गया है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने ऋषिकेश के अलावा गुजरात के राजकोट स्थित अस्पताल परिसर में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था और लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को एम्स ऋषिकेश आवासीय परिसर निवासी रविन्द्र तिवारी ने अपने घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और 60 हजार रुपये नकद चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तत्काल विशेष टीम गठित कर खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार प्रयासों के बाद 31 जुलाई की रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर काली माता मंदिर, सात मोड़, देहरादून रोड ऋषिकेश के पास से मंडलपु शिवा अंजनेयुलू (43 वर्ष) निवासी गुंटूर, आंध्र प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी के दौरान उसके बैग से भारी मात्रा में चोरी के आभूषण, तीन अलग-अलग नामों के आधार कार्ड और चोरी में इस्तेमाल किया गया पेचकस बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गंगा स्नान के बहाने हरिद्वार और ऋषिकेश आया था। एम्स परिसर में कई दिनों तक रेकी करने के बाद बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी की थी। इसके बाद उसने 27 जुलाई को गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल परिसर में भी इसी तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

गुजरात पुलिस से सत्यापन कराने पर वहां भी आरोपी के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज होना पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर अपराधी है। वह बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल परिसरों में घूमता था और बंद मकानों को निशाना बनाता था। पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने अलग-अलग पहचान वाले फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे थे, जिनका इस्तेमाल होटल और धर्मशालाओं में ठहरने के लिए करता था।

आरोपी पूर्व में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और गुंटूर में भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस अब अन्य राज्यों में भी उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एम्स ऋषिकेश और राजकोट अस्पताल से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, फर्जी आधार कार्ड, चोरी में प्रयुक्त पेचकस तथा अन्य सामान बरामद कर उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। मामले में आगे की विवेचना जारी है।

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