उत्तराखंड

टिहरी- राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में राष्ट्रीय खेल दिवस पर ऑनलाइन संगोष्ठी

टिहरी: राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में 29 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष मनाया जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेलों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के साथ-साथ खेलों के माध्यम से अनुशासन, नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति, साहस, टीम भावना एवं जिम्मेदारी की भावना का विकास करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज बिजलवान, कैप्टन, एनएसएस एवं अंग्रेजी प्रवक्ता, पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज खाड़ी रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल विद्यार्थियों में नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति, साहस और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल व्यक्ति को अनुशासित एवं आत्म-अनुशासित बनाते हैं तथा जीवन में आने वाली हताशा और निराशा से उबरकर आशावादी दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ए. के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण होता है।” खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और जीत की सकारात्मक भावना का विकास होता है। खेल व्यक्ति को जाति और धर्म जैसी संकीर्ण सीमाओं से ऊपर उठकर सामूहिकता और भाईचारे की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे नवोदित राज्य में सरकार द्वारा खेलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि राज्य के युवा स्वस्थ रहें और उनमें टीम भावना एवं नेतृत्व क्षमता का विकास हो। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी जीवन में कोई बच्चा खेल के मैदान तक नहीं गया, तो उसने अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण हिस्से को जीने से स्वयं को वंचित कर लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ नियमित रूप से खेल गतिविधियों में प्रतिभाग करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की संयोजिका एवं क्रीड़ा प्रभारी डॉ. संगीता बिजलवान जोशी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही आवश्यक नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्ति के मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अजीत, डॉ. शन्नवर , डॉ. ईरा सिंह, डॉ. सीमा पांडे, डॉ. मीना एवं डॉ. मीनाक्षी सहित शिक्षणेत्तर कर्मचारी शूरवीर सिंह, आशीष, दीपक, मनीषा, हितेश एवं पंकज उपस्थित रहे। महाविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने भी ऑनलाइन माध्यम से उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की छात्रा सोनम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, प्राचार्य, समस्त प्राध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का कार्यक्रम में सहभागिता एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी का समापन विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने के संकल्प के साथ हुआ।

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