उत्तराखंड

विभाजन की पीड़ा को किया जाएगा याद, 13 अगस्त को देहरादून में कैंडल मार्च

देहरादून। उत्तरांचल पंजाबी महासभा, उत्तराखण्ड की ओर से 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण, सम्मान, घर-बार और मातृभूमि का सर्वस्व न्योछावर करने वाले पूर्वजों की स्मृति में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा। महासभा ने विभाजन पीड़ित परिवारों से बड़ी संख्या में कार्यक्रमों में शामिल होकर अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का आह्वान किया है।

महासभा के राज्य मीडिया प्रभारी विजय कथूरिया ने बताया कि संगठन की जिला एवं महानगर टीमों द्वारा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से उनके घर जाकर मुलाकात की जा रही है। ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान समारोह में आमंत्रित किया जा रहा है, जहां 14 अगस्त को प्रेमनगर आश्रम, हरिद्वार में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कर-कमलों से उनका सम्मान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विभाजन के दौरान विस्थापन, संघर्ष और बलिदान का सामना करने वाले बुजुर्गों के योगदान को सम्मान देना तथा नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और त्याग से परिचित कराना है। महासभा ने विभाजन पीड़ित परिवारों से अपील की है कि उनके परिवार, निकट संबंधियों अथवा परिचितों में यदि कोई 80 वर्ष या उससे अधिक आयु का वरिष्ठ नागरिक है तो उसका नाम एवं आयु महासभा के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं, ताकि सम्मान की समुचित व्यवस्था की जा सके।

13 अगस्त को घंटाघर से निकलेगा कैंडल मार्च

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर 13 अगस्त 2026, गुरुवार को शाम छह बजे देहरादून के घंटाघर से कैंडल मार्च निकाला जाएगा। महासभा के प्रतिनिधियों ने घर-घर संपर्क कर नागरिकों, विभाजन पीड़ित परिवारों और विद्यार्थियों से परिवार सहित मार्च में शामिल होने का आग्रह किया है।

महासभा का कहना है कि यह कैंडल मार्च केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की स्मृति को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने 1947 के विभाजन की विभीषिका में अपना सब कुछ खो दिया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद नए जीवन का निर्माण किया।

महासभा ने आह्वान किया है—“एक दीप अपने पूर्वजों के नाम, एक कदम उनके सम्मान के नाम और एक संकल्प उनकी कुर्बानियों को सदैव जीवित रखने का।” बड़ी संख्या में नागरिकों एवं विद्यार्थियों ने कैंडल मार्च में शामिल होने का आश्वासन दिया है।

उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कैंडल मार्च को सफल बनाने तथा एकजुटता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने की अपील की है।

कैंडल मार्च: 13 अगस्त 2026, गुरुवार, शाम 6 बजे, घंटाघर, देहरादून।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: 14 अगस्त 2026, प्रातः 10:30 बजे, प्रेमनगर आश्रम, हरिद्वार।

विजय कथूरिया(राज्य मीडिया प्रभारी) 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button