उत्तराखंड

ग्राफिक एरा में छात्रों ने जाना गीता का मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण

देहरादून: ग्राफिक एरा में छात्र-छात्राओं को गीता के प्रसंगों के जरिए मानसिक द्वंद्व से उबरने, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और जीवन की चुनौतियों के बीच सही निर्णय लेने की सीख दी गई। आज ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में भारतीय मनोविज्ञान दिवस और गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कुरुक्षेत्र नाम से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो वीसी डा. संतोष एस. सर्राफ और कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलित करके की। नाट्य प्रस्तुति में श्रीमद्भगवद्गीता के मनोवैज्ञानिक संदेश को आज की चुनौतियों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।

कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में मोह, भय और संशय से घिरे अर्जुन तथा उनका मार्गदर्शन करते भगवान श्रीकृष्ण के संवाद को जीवंत करते हुए कलाकारों ने दर्शाया कि विषम परिस्थितियों में मन पर नियंत्रण, कर्तव्य की स्पष्टता और सही दृष्टिकोण व्यक्ति को द्वंद्व से उबारकर सही निर्णय की ओर ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने गणेश वंदना की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। वहीं भक्तिमय प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय संस्कृति के आध्यात्मिक मूल्यों को अभिव्यक्त किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के क्लब शान-मनः और क्लब लर्न गीता लिव गीता ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में क्लब लर्न गीता लिव गीता के कॉर्डिनेटर डा. ए. एस. शुक्ला और क्लब शान-मनः की कॉर्डिनेटर विधि कपरूवान के साथ अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

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